Related articles

घर पर ठहरना पड़े तो क्या करें?

Source www.usatoday.com

अपनी दिनचर्या में व्यस्त हम लोगों को कभी कभी घर पे वक्त गुज़ारने के लिए वक्त मिल जाता है, चाहें वो साप्ताहिक अवकाश के कारण हो, किसी त्यौहार का अवकाश, आजकल के जैसी सांसारिक महामारी हो या कोई अन्य कारण हो| पर ऐसा अक्सर देखा गया है की किन्ही कारणों से अगर घर पे ठहरना पड़ जाये तो बहुत जल्दी बोरियत हमें घेरने लगती है, मन उबने लगता है, समझ में नहीं आता की क्या किया जाये|

हमारा ये लेख इसी विषय में आपकी मदद के लिए तैयार किया गया है| आइये समझने की कोशिश करें की ऐसे वक्त में आप को क्या करना चाहिए और क्या नहीं| हमने कुछ सुझावों की फेहरिस्त भी आपके लिए बनाई है जो आप लेख में आगे देख पाएंगे| तो सबसे पहले देखते हैं की ऐसे वक्त में आपके लिए क्या उचित रहेगा ।

सबसे पहले सोच बदलने की ज़रूरत ।

Source www.usatoday.com

सोच बदलने की ज़रूरत सबसे पहले इसलिए है की जब तक आप इस सोच से बाहर नहीं निकलेंगे की घर पर खाली वक्त में बोर होने के अलावा कुछ किया ही नहीं जा सकता है तब तक आप इस लेख का पूरा फायदा उठा ही नहीं पाएंगे| ऐसी सोच नकारात्मक विचारों को ही जन्म देती है जिस वजह से आगे बताये जाने वाले सकारात्मक पहलू पर आप गौर करना पसंद ही नहीं करेंगे|

इसलिए आगे पढने से पहले मन में भले कुछ पल के लिए ही सही एक बार ये सोचें की लेख में आगे आपको यकीनन कुछ दिलचस्प मिलने वाला है, और यकीन मानिये अगर इस विचार के साथ आप आगे पढेंगे तो आपको हमारी बताई गई बातें दिलचस्प लगेंगी|

घर फसने या बोर होने की जगह नहीं बल्कि सुकून और ख़ुशी की जगह है ।

Source verticalveg.co.za

घर वो जगह है जहाँ व्यस्त जीवन में भी प्रतिदिन दिन भर की भाग दौड़ और मेहनत के बाद आप जल्द से जल्द पहुचना चाहते हैं| यही वो जगह है जहाँ आपके मन को सबसे ज्यादा सुकून मिलता है जब आपको वाकई में उसकी ज़रूरत हो| इसी घर की ख़ुशी के लिए आप वो सब कुछ कर रहे हैं जो आप कर रहे हैं तो फिर वही घर अचानक बोर होने और बोझ लगने वाली जगह कैसे बन गया|

दरअसल सब लोग अपनी रोज़ की दिनचर्या के इतने आदि हो जाते हैं की उसमे किसी बदलाव को वो आसानी से अपना नहीं पाते और इसीलिए इस बात पर भी गौर नहीं कर पाते की अगर उन्हें कुछ खाली वक्त मिल पाया है तो क्यूँ न उसका कुछ सदुपयोग कर लिया जाये, बजाय इसके की बेवजह परेशान रहकर वक्त को गंवाया जाये| इसी घर में आपके पास ऐसा करने के लिए बहुत कुछ रहता है जिसे पूरा करके आप ना सिर्फ अपने आप को बोर होने से बचा सकते हैं बल्कि ऐसे समय का सही उपयोग कर सकते हैं|

परिवार के सदस्यों के साथ वक्त बिताने का वक्त है ।

Source indianexpress.com

लोग अक्सर कहते हैं की अपने परिवार के साथ वक्त बिताने के लिए वक्त ही नहीं मिल पाता और बिलकुल मुमकिन है की आप भी ऐसा अक्सर कहते हों| पर जब वक्त मिल पाता है तब आप ऐसा कितना करते हैं क्या इस बारे में सोचा है| हाँ, ये भी एक सच है की अक्सर आप अपने परिवार के साथ होते हुए भी उनके साथ नहीं होते क्यूंकि आपका मन कहीं और किसी और काम में उलझा होता है और आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ खुले दिल से वक्त नहीं बिता रहे होते| ऐसा करने से आपको बिलकुल बचना चाहिए| आपको पूरी कोशिश करनी चाहिए की जब आप अपने घर पे परिवार के साथ हों तो आपका मन भी उन्ही के साथ हो| ऐसा करना आपके लिए और उन सबके लिए भी अच्छा रहता है|

अगर सही सोच के साथ प्रयास करें तो ऐसे वक्त में बहुत कुछ नया किया जा सकता है ।

Source fustany.com

ज़रूरत है तो सिर्फ सही सोच की क्यूंकि घर पर हमेशा कुछ ना कुछ करने के लिए ज़रूर होता है, ये अलग बात है की आप करना चाहे या नहीं| आप घर की दैनिक ज़रूरतों पर ध्यान देते हुए उन्हें पूरा करने का प्रयास कर सकते हैं या फिर ऐसे वक्त में सबको साथ लेकर कुछ नया कर सकते हैं| कोई भी ऐसा प्रयास जो आपको बोर होने से और वक्त को बर्बाद करने से दूर रख सके आपको ज़रूर करना चाहिए|

ऐसे बेहतरीन वक्त पर करने के लिए कुछ बेहतरीन कार्य ।

Source www.readitforward.com

सोच को सकारात्मक करने के बाद आइये अब देखते हैं की ऐसे खाली वक्त का सदुपयोग आप किस प्रकार कर सकते हैं जिससे सिर्फ आपका ही नहीं आपके परिवार के लोगों का भी हित हो सके| हमने कुछ सुझाव देने का प्रयास किया है, हो सकता है आपको पसंद आये:

कुछ वक्त अकेले बिताएं ।

Source www.forbes.com

बात हो रही थी अकेलेपन की बोरियत से बचने की लेकिन पहला सुझाव है कुछ वक्त अकेले बिताने का, ये देखकर आश्चर्य मत कीजिये, सिर्फ एक बार पूरी बात को ध्यान से पढ़िए: कभी सोचा है की कुशाग्र बुद्धि वाले और रचनात्मक या स्रजनात्मक क्षमता वाले लोग जैसे की वैज्ञानिक, आर्टिस्ट या लेखक आदि अक्सर बोरिंग क्यूँ माने जाते हैं, इसलिए की वो अपने आस पास के लोगों के साथ ज्यादा घुलते मिलते नहीं| उनका मन और बुद्धि ज़्यादातर व्यस्त रहती है उनके कार्य में| उनके मन में उनकी अपनी एक दुनिया होती है विचारों की और वो उसमे ही तल्लीन रहते हैं, वो ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने कार्य में कुछ नया करने या जो कर रहे हों उसे आगे बढाने के बारे में सोच रहे होते हैं|

अगर आपको लगता है की वो बोर होते होंगे तो आपका सोचना बिलकुल गलत है| दरअसल वो अपने कामों में इतने व्यस्त हैं की उनके पास बात करने की भी फुर्सत नहीं| लेकिन हम उनकी व्यस्तता तभी समझ पाते हैं जब वो कुछ नया करके हम सबके सामने पेश करें, कुछ ऐसा जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता वो करके दिखा देते हैं| हमारा आपसे ये कहना की कुछ वक्त अकेले बिताएं से मतलब यही है की आप कुछ वक्त अपने मन से बातें करें, बेशक अगर आपकी क्षमता के अनुसार हो तो आप उन लोगों की तरह प्रयास करें लेकिन अगर ना भी हो फिर भी अपने मन का आंकलन करें, अपने जीवन पर एक नज़र डालकर ये समझने की कोशिश करें की जो कुछ भी आप फिलहाल कर रहे हैं क्या वो पर्याप्त है, अपने जीवन के लिए अगर आपने कोई उद्देश्य बनाया है तो क्या आप उस उद्देश्य की तरफ भले धीरे ही सही लेकिन बढ़ तो पा रहे हैं ना ।

क्या आप इससे और ज्यादा बेहतर कुछ और कर सकते हैं| ये सभी वो प्रश्न है जो आप ऐसे वक्त में अपने आप से पूछ सकते हैं और इनके उत्तर का सही सही निष्कर्ष निकाल सकते हैं| कुछ प्रसिद्द विचारकों के मत पर अगर गौर किया जाये तो, खाली वक्त में अकेले अपने मन से बात करने से मनुष्य की रचनात्मक और स्रजनात्मक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है, और ये बाकी समय की तुलना में कहीं ज्यादा होती है| तो आप भी इस बात का पूरा फायदा उठाएं, अपने साथ यानी की अपने मन के साथ कुछ वक्त बिताकर देखें, आपको भी यकीनन कुछ ना कुछ बेहतर अनुभव ज़रूर मिलेगा|

कुछ वक्त परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बिताएं ।

Source familyfocusblog.com

जब आप अपने परिवार के लोगों के साथ वक्त बिताते हैं तब उन्हें सबसे ज्यादा ख़ुशी इस बात की होती है की आपके पास उनके लिए वक्त है| परिवार के सभी सदस्य सिर्फ इस बात से जुड़े नहीं होते की वो एक घर में रहते हैं बल्कि उन सबका आपस में दिल से भी एक रिश्ता होता है| उनके साथ समय बिताने से आपस का ये रिश्ता और ज्यादा मज़बूत होता है, आपस में विश्वास बढ़ता है, हर व्यक्ति के अन्दर हिम्मत और हौसला बढ़ता है की उसका साथ देने के लिए उसका पूरा परिवार है|

परिवार में छोटे बच्चों पर तो इसका बहुत अच्छा असर होता है, क्यूंकि वैसे भी आपका फ़र्ज़ है की परिवार में अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें लेकिन उनके साथ वक्त बिताना भी उनके समुचित विकास के लिए बहुत ज़रूरी है| अन्य सदस्यों की बात करें तो हो सकता है की वो किसी उलझन से ग्रस्त हों और शायद आपके वक्त की अहमियत को समझते हुए वो आपसे इसका ज़िक्र न कर रहे हों लेकिन जब आप खुद उनसे बात करेंगे तो वो आसानी से अपनी बात कह पाएंगे और हो सकता है की आप उन्हें कोई उचित सलाह दे सकें| ये बात आप पर भी लागु हो सकती है|

आपस में बात चीत के अभाव में कई बार ये भी देखा गया है की एक ही परिवार के सदस्य गलतफहमियों का शिकार हो जाते हैं, जिनके नतीजे लगभग हमेशा ही बुरे होते हैं| सिर्फ मिलजुलकर बातचीत करते हुए आप अपने घर में ऐसा होने से रोक सकते हैं| सार ये है की परिवार के अन्य सदस्य भी उतने ही ज़रूरी हैं जितने की आप खुद, इस बात को हमेशा ध्यान रखें और अपने समय का लाभ उठाते हुए इन रिश्तों को ज्यादा से ज्यादा बेहतर बनाये रखने का प्रयास करें|

दैनिक कार्यों में एक दुसरे की मदद करें ।

Source parenting.firstcry.com

ऐसा करने से आप सिर्फ काम में एक दुसरे की मदद नहीं करेंगे बल्कि सबके साथ ज्यादा अच्छी तरह से जुड़ भी सकेंगे| हर कोई भले प्रत्यक्ष रूप से ना कहे लेकिन मन में सराहना ज़रूर करेगा की उसके काम में किसी ने उसकी मदद की| हाँथ बटाने से एक और फायदा ये भी है की रोज़मर्रा के कार्य कुछ जल्दी पुरे हो जायेंगे जिससे आप सभी को कुछ और दिलचस्प कार्यों के लिए ज्यादा वक्त मिल सकेगा| ये अलावा दिलचस्प कार्य क्या क्या हो सकते हैं इसके बारे में आप ज़रूर एक दुसरे से बात करते हुए निश्चित करें और मज़ा लें|

फर्नीचर की जगह बदल कर कुछ नयापन अनुभव करें ।

Source www.patrika.com

घर के भीतर के रख रखाव यानि की फर्नीचर और साज सज्जा में कुछ फेर बदल करने से उसी घर में कुछ नयेपन का अनुभव हो सकता है, ये बात निश्चित रूप से सही है| आप भी ऐसा करके देखें| ये काम बहुत अल्प हो सकता है या फिर बहुत विस्तृत भी हो सकता है, जैसा आप चाहें| आप अगर चाहें तो पुरे घर में, सिर्फ अपने कमरे में या फिर कमरे में रखी हुई एक टेबल की जगह बदल कर भी बदलाव के नयेपन को महसूस कर सकते हैं| ऐसा करना कई बार दिलचस्प नतीजे दे सकता है|

रीडिंग ।

Source www.inc.com

घर पर खाली वक्त में कुछ बेहतर रीडिंग करना अपने आप में सबसे बढ़िया उपाय है| रीडिंग करने के कितने फायदे हैं इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं की कई बार सिर्फ इस बात को लेकर वैश्विक और वैज्ञानिक स्तर पर शोध किये जाते हैं की रीडिंग करने का मनुष्य के मन, बुद्धि और शरीर पर क्या फर्क पड़ता है और हर बार नतीजे हैरान करने वाले ही मिलते हैं| रीडिंग करने से ना सिर्फ आपकी बुद्धि विकसित होती है बल्कि आपके मस्तिष्क की क्रियाशीलता भी बढती है| जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होता है| पढने से मन की भावनाओं में संतुलन बढ़ता है और बरक़रार रहता है| तनावग्रस्त होने की स्थिति में रीडिंग एक बहुत अच्छा उपाय है| पढने की सबसे बड़ी खूबी ये है की इसकी मदद से आपके मन और बुद्धि ज्यादा उम्र में भी स्वाभाविक रूप से क्रियाशील बने रहते हैं और बढती उम्र का असर आप पर काफी समय तक नहीं पड़ता|

बच्चों के लिए तो रीडिंग बहुत ज्यादा महत्व रखती है और आपको ज़रूर ये प्रयास करना चाहिए की उनके अन्दर पढने की इच्छा ही नहीं उत्सुकता भी बढे और इसके लिए अगर आप उन्हें अपने साथ बिठाकर खुद रीडिंग करते हैं और उन्हें सुनाते हैं तो उनके अन्दर भी रीडिंग करने की इच्छा खुद ब खुद बढ़ने लगती है और एक बार वो इससे प्रभावित हो गए तो उनके भविष्य के लिए काफी बेहतर रहेगा| अगर आपको रीडिंग करने का शौक पहले से है तो हमें अलग से कहने की ज़रूरत नहीं लेकिन अगर अब तक आप इस शौक से दूर रहते आये हैं तो कम से कम एक बार आजमा कर ज़रूर देखिये, फर्क आपको खुद महसूस होगा|

भविष्य की योजनाओं के बारे में प्लान ।

Source www.thebalance.com

खाली वक्त में अपने मन का आंकलन आपने कर लिया और परिवार वालों के साथ भी वक्त बिता लिया तो अब समय है इससे कुछ निष्कर्ष निकालने का| मुमकिन है की अब आपके सामने कुछ नए उद्देश्य हों, या फिर मौजूदा उद्देश्य के नए स्तर हों, या फिर मौजूदा स्तर के लिए ही कुछ नए उपाय हों| इनमे से कुछ भी हो या शायद कुछ नया ना भी हो तब भी अपने निहित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अगर आपको किसी प्रकार की योजना बनाने की ज़रूरत है तो इस खाली समय से बेहतर कोई और समय नहीं हो सकता|

खाली समय में आप ज्यादा बारीकी से और ज्यादा संजीदगी से अपने उद्देश्यों के बारे में विचार कर सकते हैं जो की व्यस्त दिनचर्या के साथ मुमकिन नहीं हो सकता| तो अपने इस समय का सदुपयोग करते हुए अच्छी योजना बनायें फिर आपको सिर्फ इस योजना को क्रियान्वित करते रहने की ज़रूरत पड़ेगी जो व्यस्तता के बावजूद भी आप काफी आसानी से कर पाएंगे|

कुछ नया सीखें ।

Source ccsuconed.wordpress.com

अगर अब तक की बताई गई बातें आप स्वतः ही पूरी कर चुके हैं तो ऐसा नहीं की आप फिर वापस बोर हो सकने के लिए फ्री हैं| बिलकुल भी ऐसा ना सोचें क्यूंकि जैसा की लेख में पहले ही कहा जा चूका है, “करने के लिए हमेशा कुछ ना कुछ होता है, ये आपकी इच्छा है की आप करना चाहे या नहीं|” अब बात आती है ‘क्या?’ तो हमारी राय में आप कुछ नया सीखने का प्रयास कर सकते हैं| कुछ भी ऐसा जो आपके काम आ सके या सिर्फ अपने मन को खुश कर सके| उदाहरण के तौर पे आप कोई नई भाषा सीख सकते हैं, लिखने की कला सीख सकते हैं, चित्रकारी सीख सकते हैं या फिर कोई वाद्य यन्त्र बजाना सीख सकते हैं|

ये हमने कुछ विकल्प दिए हैं बाकी आप अपनी मर्ज़ी से कुछ भी सीखना चाहें तो खाली समय सबसे ज्यादा उपयुक्त होता है, इसका कारण है की जब भी कुछ नया सीखने का प्रयास किया जाये तो शुरुआत में उसपर ज्यादा ध्यान और समय देना पड़ता है और एक बार सीखने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो इसे आप अपने उपलब्ध समय के अनुसार नियमित कर सकते हैं| कुछ नया सीखते रहना भी अपने मन और मस्तिष्क की क्रियात्मकता को बनाये रखने के लिए काफी उपयोगी साबित होता है इसीलिए हमने अपने सुझाव की फेहरिस्त में इसे शामिल किया है|

बर्ड्स के लिए सुन्दर सा घर बनायें ।

Source www.thespruce.com

एक बार देखने पर ये सुझाव कुछ अजीब लग सकता है पर इसे शामिल करने का विशेष कारण है| पक्षियों का आवागमन वास्तव में मन को आनंदित करने लिए काफी होता है| उनकी मौजूदगी, उनकी आवाजें और उनकी चहल पहल एक बहुत ही हल्का सा लुभाने वाला प्राकृतिक अनुभव देती हैं| अगर आप अपने घर के बाहर एक खुबसूरत सा बर्ड हाउस बना कर लगाते हैं और उसमे पक्षियों के दाने और पानी की व्यवस्था करते हैं तो शुरुआत में शायद कुछ कम पर धीरे धीरे आपके यहाँ पक्षियों के आने की संख्या बढ़ने लगती है|

ज़्यादातर अपने खाली समय में वक्त बिताने के लिए लोग कुत्ता या अन्य कोई पशु पालते हैं| अपने आप में ये एक बहुत अच्छी बात है पर कई बार अलग अलग कारणों से हर किसी के लिए ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं हो पाता| उन लोगों के लिए बर्ड हाउस एक बेहतर विकल्प है| इसमें आपको ज्यादा जिम्मेदारी नहीं निभानी पड़ती बस ये देखते रहना पड़ता है की उसमे दाना और पानी पर्याप्त है या नहीं| वैसे तो बर्ड हाउस आप बाज़ार से खरीद कर ला सकते हैं लेकिन अगर कुछ समय लगाकर आप खुद एक बर्ड हाउस बनाना चाहें तो आपको खुद ज्यादा ख़ुशी मिलेगी| अगर आपको बर्ड हाउस बनाना नहीं आता तो आप नई सदी के सर्वश्रेष्ठ गुरु यानि की गूगल की मदद ले सकते हैं|

एक और छोटी सी बात जो आपको गूगल पर भी नहीं मिलेगी वो ये की अक्सर देखा गया है की पक्षियों को खाने के लिए अगर आप साधारण दाने के बजाय नमकीन डालते हैं तो वो ज्यादा जल्दी आकर्षित होते हैं, अब उन्हें हल्दीराम की नमकीन ज्यादा पसंद है या बीकाजी की इस बारे में यकीन के साथ तो नहीं कहा जा सकता पर ट्राई करने में कोई हर्ज़ नहीं है, हो सकता है की इससे आपके बर्ड हाउस में पक्षियों की संख्या शुरुआत में ही ज्यादा हो जाये|

बोर्ड गेम्स का लुत्फ़ उठाएं ।

Source www.forbes.com

कुछ विचारणीय और गहरे सुझावों के बाद बारी है कुछ हल्के-फुल्के खुशियों के पल बिताने की| परिवार के सदस्यों के साथ आप अपने खाली समय का लुत्फ़ उठाना चाहते हों तो बोर्ड गेम्स एक पुराना आईडिया होने के बावजूद आज भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी माना जाता हैं| टी.वी. पर कोई मूवी या शो देखना तो बहुत ही साधारण सी बातें हैं लेकिन बोर्ड गेम इसलिए ज्यादा प्रभावी है की इन्हें खेलते वक्त सभी लोग साथ बैठ कर व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल होकर इसका लुत्फ़ उठा सकते हैं| इन्हें ज्यादा रोमांचक बनाने के लिए जीत हार के आंकलन के लिए स्कोर लिखें और अंत में जीतने वाले के लिए कोई आकर्षक इनाम भी दें| गेम कोई भी हो पर कोशिश ये रहे की उसमे हर सदस्य शामिल हो सके तो ज्यादा बेहतर होगा|

बेहतरीन पकवानों को क्यूँ भूलते हैं?

Source www.sentinelassam.com

परिवार के साथ मिलकर बेहतरीन व्यंजनों का स्वाद लेने का अलग ही मज़ा होता है| हालाँकि ये सुझाव इस सूचि में आखिरी नंबर पर है लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रिय है| छुट्टी के दिनों में अक्सर लोग अपने घर में ऐसे व्यंजन बनाते हैं जो आमतौर पर व्यस्त दिनचर्या के चलते नहीं बना पाते| आप भी इसका लुत्फ़ उठा सकते हैं, बस घर में सबसे बात कीजिये और सुबह के वक्त ही निश्चित कर लीजिये की नाश्ते से लेकर खाने तक कौन क्या खाना पसंद करेगा| चुने हुए पकवानों का एक मेनू निर्धारित कीजिये और व्यस्त हो जाइये तैयारी में|

व्यंजन को तैयार करने में एक दुसरे की मदद कीजिये और अंत में अपनी मेहनत के स्वादिष्ट फल का आनंद लीजिये| ये प्रक्रिया कभी कभी तो अपनाई जा ही सकती है, लेकिन अगर आपको ये एहसास हो की इसमें आपकी रूचि है तो बेशक आप इस विषय में ज्यादा सोच सकते हैं| रसोईघर में अपनी पत्नी और बच्चों, या फिर माता पिता के साथ खाना बनाना और साथ में उस खाने का मज़ा लेना वास्तव में मन को प्रसन्न करने के लिए काफी होता है| इस एक प्रक्रिया में ही ऊपर बताई गई कई बातें एक साथ शामिल हो जाती हैं और आपको हर तरह से फायदा ही होता है| तो आप भी ऐसा करके अपने आप को और अपने परिवार वालों को लाभान्वित कर सकते हैं|

क्या बिलकुल ना करें?

Source staging.abplive.com

इस विषय में आगे बढ़ते हुए आइये अब जानने की कोशिश करते हैं की अपने खाली वक्त में आपको क्या नहीं करना चाहिए| जी हाँ, ये समझना भी उतना ही आवश्यक है, क्यूंकि कभी कभी स्वभाव के अनुसार या कभी अनजाने में हम कुछ ऐसा कर सकते हैं जो हममे से किसी के लिए फायदे की बात नहीं होती| आपको भी इस विषय में ज़रूर सोचना चाहिए| नीचे कुछ ऐसी बातों के बारे में बताया जा रहा है की जिनका ध्यान आपको रखना चाहिए और जहाँ तक हो सके उनसे बचना चाहिए:

आलस ।

Source www.herzindagi.com

आराम करना अच्छी बात है लेकिन ये आराम अपने सीमा को लांघकर कब आलस के दायरे में पहुँच जायेगा इसका भी ख्याल आपको रखना चाहिए क्यूंकि दोनों में बहुत थोडा सा ही फर्क होता है| अगर आप आलस से ग्रसित हो गए तो फिर समय चाहे जितना मिल गया हो आपको वो सब बेकार है, बताई गई सारी बातें बेकार हैं, और शायद आप इस लेख को पढ़ भी नहीं रहे| शरीर के लिए जितना आराम काफी है उतना ही दें, उससे ज्यादा इस काम में वक्त ज़ाया ना करें|

तनाव से ग्रसित ना हों ।

Source www.hindirasayan.com

खाली समय में अपनी बदली हुई दिनचर्या की वजह से अगर आप उलझन महसूस कर रहे हैं तो इसकी लिए जल्द से जल्द कुछ उपाय करें, फिर चाहें वो आपस में बात करते हुए, या फिर टी.वी. पर कुछ मनोरंजक कार्यक्रम देखकर, या फिर घर में ही कुछ टहलकर, या फिर कोई पुस्तक पढ़कर| यानि की जो भी विधि आपको उचित लगे उसे अपनाकर अपने मन के तनाव को जल्द दूर करें क्यूंकि अगर एक बार ये तनाव आपपर हावी हो गया तो फिर आप अपना ही नहीं दूसरों का भी वक्त ख़राब कर देंगे|

दूसरों पर व्यर्थ के दबाव ना डालें ।

Source upkiran.org

जिस प्रकार खाली समय आपको मिल सका है उसी प्रकार बाकी सदस्यों को भी मिला है और उन्हें भी अधिकार है की वो अपनी मर्ज़ी के मुताबिक इस वक्त का इस्तेमाल करें| अब ऐसे में अगर आप उन पर ज़बरदस्ती अपनी मर्ज़ी थोपेंगे तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा और अगर वो आपकी मर्ज़ी के कार्य में शामिल हो भी जाएँ तो भी पुरे मन से नहीं होंगे| इसलिए ज़रूरी है की आप सिर्फ ये सुनिश्चित करें की कोई अपना वक्त बर्बाद तो नहीं कर रहा| अगर वो अपने आप ही किसी बेहतर कार्य में व्यस्त है तो हो सके तो उसकी मदद करने के लिए उसके कार्य में आप शामिल हो जाइये, बजाय इसके की उसपर अपनी मर्ज़ी का दबाव बनाइये| उसके काम में मदद करके अगर जल्दी पूरा करवा सकते हैं तो बहुत अच्छा, अब आप अपनी इच्छा का ज़िक्र करिए और आप देखेंगे की वो भी आपका उतनी ही ख़ुशी से साथ देगा|

और अंत में ।

Source www.naukrinama.com

पुरे लेख के बाद सिर्फ चुनिन्दा बातों का एक सार अंत में इसलिए दोहराया जा रहा है की लेख में बताई गई बातें आपके मन में कहीं ठहर जाएँ:

उद्देश्य है,समय का सदुपयोग ।

Source www.naukrinama.com

समय सबको बराबर मिलता है लेकिन उसका उपयोग लोग अलग अलग तरीके से करते हैं| और यही उपयोग समय की गुणवत्ता को बढ़ाता या कम करता है| बताने की बात ये है की समय एक बहुत ही बहुमूल्य वस्तु है और इसका सदुपयोग करना बहुत ज़रूरी है| अगर आप ऐसा नहीं करते तो ना सिर्फ अपना नुक्सान करते हैं बल्कि आगे के समय में भी इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है| इसलिए अंत में आपसे बस इतना ही कहना है की समय एक बार बीत गया तो वापस नहीं मिलेगा तो आपको अपने समय का पूरा ख्याल रखना चाहिए और इसका सदुपयोग करना चाहिए|

Related articles

From our editorial team

हमेशा हमारा यही उद्देश्य होना चाहिए की,समय का सदुपयोग हों ।

समय दुनिया में सभी के लिए बराबर है लेकिन उसका उपयोग लोग अलग अलग तरीके से करते हैं और यही उपयोग समय की गुणवत्ता को बढ़ाता या कम करता है। समय बहुत ही बहुमूल्य है और इसका सदुपयोग करना बहुत ज़रूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो ना सिर्फ अपना नुक्सान करते हैं बल्कि आगे के समय में भी इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है। इसलिए बस इतना ही कहना है की समय एक बार बीत गया तो वापस नहीं मिलेगा तो आपको अपने समय का पूरा ख्याल रखना चाहिए और इसका सदुपयोग करना चाहिए।